सचिन पायलट ने गहलोत सरकार गिराने की साजिश की थी या नहीं? आ गया फैसला
जयपुर: गहलोत सरकार में सचिन पायलट पर सरकार गिराने की साजिश के मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने आखिर उन्हें क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में एसओजी और एंटी करप्शन में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के बाद एसीबी ने हाई कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की। जिसमें उन्होंने यह मामला फर्जी बताया। इस रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए गहलोत सरकार गिराने के आरोप के मामले में पायलट को आखिर क्लीन चिट दे दी है।
पढ़िए -: तीन बच्चों की मां भी 120 की स्पीड से घर से भाग रही है, क्या बोल गए बीजेपी विधायक
एसीबी ने विधायक को पैसे से खरीदने की कहानी झूठी बताई
दरअसल, गहलोत सरकार में साल 2020 में सियासी संकट के चलते सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ मानेसर चले गए थे। इसके बाद उन पर सरकार गिराने की साजिश के आरोप लगे। इधर विधायकों को खरीदने के मामले में एसीबी ने जांच की। इस रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक रामीला खड़िया को पैसे देकर खरीदने की कहानी फर्जी है। बता दें कि 10 जुलाई 2020 को राजस्थान की एसओजी ने भरत मालानी और अशोक सिंह को गिरफ्तार किया था। उन पर सरकार गिराने की साजिश का मुकदमा दर्ज किया। जिसमें सचिन पायलट को भी आरोपी बनाया गया था।
पढ़िए : – मदन दिलावर बोले, राहुल गांधी तो महिलाओं का चुम्बन लेते हैं
एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी किया खुलासा
हाई कोर्ट में दाखिल एसीबी की रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी की फोन रिकॉर्डिंग से कोई राजनीतिक गतिविधियों या रिश्वत देने, विधायक खरीदने का मामला स्पष्ट नहीं होता है। रिकॉर्डिंग में सामान्य राजनीतिक बातचीत, सट्टेबाजी, जुआ, महिलाओं की बातचीत और निजी बातें सुनाई दी गई। इसके अलावा बैंक खातों की जांच में कोई भी बड़ी राशि का ट्रांजैक्शन सामने नहीं आया। एसीबी ने रिपार्ट में यह भी बताया कि जांच के दौरान किसी भी विधायक ने यह बात नहीं बताया कि आरोपियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की।
पढ़िए -: राजेंद्र गुढ़ा बोले, गहलोत सरकार के 90% मंत्री जेल जाने चाहिए! हम सब चोर थे
क्लीन चीट के बाद सचिन पायलट ने यह दी प्रतिक्रिया
इधर, हाईकोर्ट में सचिन पायलट को क्लीन चिट मिलने के उनके समर्थक काफी उत्साहित नजर आएं। इस बीच सचिन पायलट टोंक के दौरे पर थे। इसको लेकर उन्होंनेे कहा कि मैंने रिपोर्ट देखी नहीं है, लेकिन जब कोर्ट ने निर्णय दे दिया है तो अब क्या बचा है कहने को। पायलट ने कहा कि मुझे लगता है न्याय पालिका में सभी का भरोसा है। न्यायपालिका में कभी कभी देरी हो जाती है, लेकिन मुझे लगता है देश की न्याय पालिका सुदृढ है, मजबूत है। मुझे नहीं लगता जब निर्णय आ गया है, तो अब कुछ बचा है कहने को

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live






